मामी को रात भर पेला

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मेरा नाम नमन है. मेरी 3 मामियां हैं, पर सबसे छोटी मामी बड़ी हॉट आइटम हैं. मेरी छोटी मामी का नाम ख़ुशी है.

मैं उनके साथ सेक्स करने की बहुत कोशिश में था पर कभी सेक्सी मामी चुदाई का मौका नहीं मिला.

हुआ कुछ यूं कि मेरे नाना जी की तबियत बहुत खराब थी तो हम सभी को वहां जाना पड़ा था.

मेरे नाना के घर पर तीनों मामा के अलग अलग रूम हैं.
मामा और हमें मिलाकर 7 लोग हो गए थे.

नानी ने कहा- आप सब अपने हिसाब से देख लो कि किसको किधर सोना है.
हम सब लोग एडजस्ट हो गए.

मेरी सबसे छोटी मामी थोड़ी अलग स्वभाव की हैं. उनके अन्दर एक अलग ही एटीट्यूड रहता था.
वो किसी से भी ज्यादा नहीं बोलती थीं.

मैं अपने सोने के लिए जगह देख रहा था.
छोटे मामा उस दिन नाना जी दवा लेने के काम से बाहर गए थे.

मैंने छोटे मामा को फ़ोन लगा दिया कि इसी बहाने मामा से नमस्ते भी हो जाएगी और छोटी मामी का जो अलग हिसाब-किताब चल रहा है, वो भी थोड़ा लेवल में आ जाएगा.

मैं छोटे मामा के कमरे के सामने ही उनसे बात करने लगा.
बातचीत हुई नमस्ते आदि हुई.
उसके बाद मैंने मामा जी के पूछने पर उन्हें बताया कि बस मैं सोने ही जा रहा था.

मामा ने कहा कि तुम मेरे कमरे में सो जाओ. मैं तुम्हारी मामी से कहे देता हूँ … जरा मेरी उससे बात तो कराओ.
मैंने छोटी मामी को फोन पकड़ा दिया और फोन तो स्पीकर पर था ही.

मामी ने फोन पकड़ते ही कहा- हां बोलिए जी … वैसे मैंने सब सुन लिया है. फोन स्पीकर पर ही था और अभी भी है.

ये कह कर उन्होंने मामा जी को एक तरह से अलर्ट कर दिया था कि कहीं वो कुछ जानू वगैरह न बोल दें.
मैंने मामी की तरफ देख कर थम्ब दिखा कर उनकी इस होशियारी के लिए शाबाशी दी … तो मामी हंस दीं.

खैर … फोन से बात हुई और लब्बोलुआब ये निकला कि मैं छोटी मामी के कमरे में सोने के लिए सैट हो गया.

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मैं अपने लिए फर्श पर बिस्तर लगाने की बात कहने लगा.
मामी ने कहा- अरे नहीं, आप ऊपर बेड पर सो जाओ, मैं ज़मीन पर सो जाती हूँ.

ये कह कर मामी ज़मीन पर अपने लिए बिस्तर लगा कर लेट गईं और मैं बेड पर पैर पसार कर सो गया.

उस दिन सर्दी बहुत ज्यादा थी तो मुझे बेड पर लेटे होने के बावजूद भी ठंड लग रही थी.
मैंने सोचा कि जब ऊपर ज्यादा सर्दी लग रही है तो नीचे लेटी मामी को कितनी सर्दी लग रही होगी.

मैंने ध्यान दिया कि सही में मामी सर्दी लगने की वजह से सो नहीं पा रही थीं.

मैंने मामी से कहा- मामी आप ऊपर आ जाओ. नीचे आपको काफी सर्दी लग रही होगी!
एक बार तो मामी ने बोल दिया- अरे नहीं, मैं ठीक हूँ.

मुझे लगा तो कि एक बार और कहूँ मगर फिर मैंने सोचा कि रहने देता हूँ. कुछ ही देर में जब ठंड से गांड फटेगी तब खुद ही कहेंगी.
अब मैं आंख बंद करके सोने का ड्रामा करने लगा.

फिर ना जाने क्या हुआ कि मुझे उसी वक्त ठरक चढ़ने लगी और मैं चुदाई की बातें सोचता हुआ गर्म होने लगा.

मैंने उसी समय गर्म औरतों के बारे में सोचना शुरू किया तो मेरी सोच में छोटी मामी का हुस्न आ गया.
बस मैं छोटी मामी को याद करके अपना लंड सहलाने लगा.

लंड ने भी अंगड़ाई लेनी शुरू कर दी तो मैंने अपनी जींस के अन्दर हाथ डालकर अपना लंड पकड़ लिया.

मैं लंड सहलाते हुए आंख बंद करके अपने सपने में मामी की चुदाई करने लगा.
मुझे इस बात का जरा सा भी अहसास नहीं हुआ कि कब मामी जी मेरे साथ बिस्तर पर आ गईं.

वही बात हुई कि मामी को सर्दी लग रही थी तो वे अपने आप ज़मीन से उठ कर मेरे बाजू में आकर बेड पर लेट गई थीं.

कुछ पल बाद मुझे हल्का सा अहसास हुआ कि कोई मेरे बाजू में लेटा है.
मैंने एक आंख खोल कर देखा तो बाजू में मेरी माल सी मामी लेटी थीं.

मैंने भी अपने सोने का ड्रामा जारी रखा.
मगर मेरा हाथ अब भी मेरी जींस के अन्दर था और मैं लंड पकड़े हुए लेटा था.

मामी ने मुझे देखा कि मैं नींद में हूँ और मैंने अपना लंड पकड़ा हुआ है.
वे मेरी तरफ वासना से देखने लगीं.

कुछ मिनट देखने के बाद मामी ने खुद ही मुझे जगाया और बोलीं- तुम थोड़ा सही से सो जाओ और थोड़ा उधर को होकर सो जाओ.
मैंने उन्हें देखा और थोड़ा साइड में होकर सो गया.
मामी भी सो गईं.

फिर रात को लगभग एक बजे मामी की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि मैंने अपना लंड वापस पकड़ लिया है.
उसी समय मेरी भी नींद खुल गई थी.
मैंने अपनी आंख को हल्के से खोला और देखा कि मामी मुझे देख रही थीं.

ऐसा देखते देखते सुबह हो गई और सुबह सब ठीक था.
सब अपना अपना काम कर रहे थे और मामी मुझे देखकर मुस्कान दे रही थीं.

मैं कुछ समझ नहीं पाया और अपना मन टीवी देखने में लगाने लगा.

ऐसे करते करते दिन पूरा हो गया और रात को हम कल के जैसे सोने की तैयारी कर रहे थे.

मामी सोने से पहले बोलीं- तुम थोड़ा सही से सोया करो!
मैं बोला- मामी मैं तो सही ही सोता हूँ. आपको क्या गलत लगता है?

मामी मुस्कुराने लगीं.
मैंने पूछा कि आप मुस्कुरा क्यों रही हैं?
वो बोलीं- कुछ नहीं … बस ऐसे ही.

मैंने ज्यादा दबाव दिया तो उन्होंने कहा- तुमने रात में क्या किया था … पता भी है आपको?
मैंने कहा- मैंने तो कुछ नहीं किया?

तो वो बोलीं- खुल कर कह दूँ?
मैंने कहा- हां जरूर!

मामी- आपने रात में अपना पकड़ा हुआ था. कोई ऐसे सोता है क्या?
मैंने कहा- नहीं, मैं ऐसा कर ही नहीं सकता?

मामी बोलीं- मैंने खुद देखा था तुम्हें कि तुम अपने उससे खेल रहे थे.
मैंने कुछ नहीं कहा.

तब उन्होंने कहा- अच्छा ठीक है, अब सो जाओ.
मैंने कहा- मामी मुझे विश्वास नहीं हो रहा है. आप मेरे साथ मजाक कर रही हो.

मामी बोलीं- नहीं यार, मैं सच बोल रही हूँ.
मैंने भी वापस पूछ लिया कि मैं क्या कर रहा था?

उन्होंने कहा- मुझे पता नहीं है कि क्या कर रहे थे और अब बस ज्यादा मत सोचो, सो जाओ.
मगर मेरे ज्यादा ज़ोर देने पर बोलीं कि तुम अपने उसको ऊपर नीचे कर रहे थे. सुन लिया … अब बस चुपचाप सो जाओ.

मैंने बोला- मामी, क्या आपने मुझे इसी लिए उठाया था?
मामी बोलीं- हां.

अब मैं भी थोड़ी शैतानी करने के मूड में आ गया और मामी को मूड में लाने की सोचने लगा.
मैंने कहा- आपको मेरा वो करना इतना बुरा लग रहा था … तो आप खुद ही मेरा हाथ जींस से बाहर निकाल देतीं!

वो मेरी आंखों में देखती हुई नशीले अंदाज में बोलीं- नहीं, मैं क्यों निकालती? ये तो गलत हो जाता?
मैंने बोला- अरे इसमें क्या गलत हो जाता मेरी प्यारी मामी जी हाथ ही पकड़ना था, कौन सा आपको हथियार पकड़ना था?

मैंने झौंक में हथियार कह तो दिया … मगर मेरी गांड भी फटी कि कहीं रायता न फ़ैल जाए.
लेकिन मामी भी मूड में थीं, इसलिए बोलीं- हथियार मतलब क्या? क्या तू अपने लोअर में हथियार रख कर सोते हो?

अब मैंने समझ लिया कि मामी मस्ती के मूड में हैं तो मैंने बिंदास कहा- अरे यार मामी, मर्द के पास जो लोअर में होता है उसे हथियार ही तो कहते हैं.
मामी- मैं नहीं जानती कि हथियार किसे कहते हैं … साफ़ साफ़ बताओ ना!

मैंने कहा- हथियार लौड़े को कहते हैं. मैं क्या आपसे लंड पकड़ने को कह रहा था … हाथ पकड़ने की कह रहा था.
मामी बोलीं- मैं तुम्हारे हाथ को या लंड को क्यों निकालूँ … उसके लिए तुम्हारे मामा है ना!

मैंने बोला- अच्छा मामा भी ऐसे ही सोते हैं क्या?
वे बोलीं- हां, कभी कभी वो भी अपना हथियार पकड़ कर सोते हैं.
मैंने पूछा- अरे वाह आपको हथियार का मतलब समझ में आ गया … चलो अब ये और बताओ मामी कि आपके सैंया का हथियार कितना बड़ा है?

मामी बोलीं- वो सब जानकर तुम्हें क्या करना है. उनके पास जो है, वो मेरा ही है. उससे ही कम चलाना है मुझे!
मैंने भी पूछ लिया- ऐसा क्यों कह रही हो कि काम चलाना है? क्या काम चलाऊ वाला है उनका?
वो बोलीं- अब क्या कहूँ … तुम्हारे मामा में पहले वाला मजा नहीं रहा.

मैंने भी बोल दिया- मामी आप बुरा नहीं मानो तो एक बात बोलूँ?
मामी बोलीं- हां बोलो?

मैंने कहा- मेरे मामा का यदि साइज़ में छोटा है, तो आप उनके साथ कैसे मजा कर पाती होंगी.
मामी ठंडी सी सांस लेती हुई बोलीं- करना पड़ता है यार … तुम नहीं समझोगे.

मैंने कहा- आप कहो तो मैं आपकी मदद कर सकता हूँ.
मामी बोलीं- वो कैसे?

मैंने कहा- आप बस हां तो बोलो!
मामी बोलीं- हां तो बोल दूंगी … पर तुम मेरी मदद कैसे करोगे?

मैंने कहा- आप पहले एक रात का मौका मुझे देने का वायदा करो. फिर बताता हूँ. आप मुझसे निराश नहीं होंगी इस बात की गारंटी है.
मामी ने आंख दबाते हुए कहा- बड़ा कॉन्फीडेंस है?
मैंने कहा- हां, ये तो आप उनसे पूछो जो मुझसे संतुष्ट हुई हैं.

मामी एकदम से बोलीं- इसका मतलब ये है कि कइयों को पेल चुके हो?
मैंने कहा- सही पकड़े हो मामी जी.

मामी जी हंस दीं पर वो अभी भी उतना नहीं खुल रही थीं, जितना मैं उन्हें लंड के नीचे लाने के लिए खोलना चाहता था.
वो चुप हो गई थीं.

तो मैंने कहा- यार क्या सोच रही हो आप … एक बार मौका तो दो मुझे … मेरा पकड़ कर देखो तो सही?
मामी बोलीं- ये क्या कह रहे हो यार तुम … मैं कैसे पकड़ लूँ? किसी को मालूम चल गया तो?

ये सुन कर मैं समझ गया कि मामी राजी हैं मगर जरा सी हिचक बाकी है.
मैंने खुद ही पहल करने की ठान ली और अपना मुँह आगे करके मामी के होंठों से अपने होंठ लगा दिए.

मामी ने अपना मुँह हटाया तो मैंने उनका सर थामा और अपना मुँह जबरन उनके मुँह से जोड़ दिया.
तो मामी जरा देर कसमसाईं मगर फिर उन्होंने खुद को ढीला छोड़ दिया.

मैंने उनके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और हम दोनों का चुम्बन चालू हो गया.
काफी देर तक किस करने के बाद मामी एकदम से गर्म हो गई थीं और मुझसे चिपक कर अपने दूध मेरे सीने से रगड़ने लगी थीं.

मैंने मुँह हटाया और मामी से पूछा- मैं कैसा लगा?
मामी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और बोलीं- मुँह से तो मस्त लगे पर हथियार से चैक करना बाकी है.

मैंने कहा- तो एक काम करो आप पहले मेरे हथियार को मुँह से चैक करो, सारे भ्रम दूर हो जाएंगे.
मामी- पक्का.

मैंने उनका एक दूध दबाते हुए कहा- हां एकदम लोहे सा पक्का लंड साबित होगा.

मामी अपनी चूची मिंजवाते ही चिहुंक उठीं और उनके मुँह से ‘आह मर गई …’ की कराह निकल गई.
मैंने कहा- अभी कहां मरी … अभी तो मारी जाएगी?

मामी बोलीं- क्या मारी जाएगी?
मैंने उनकी चूत पर अपनी हथेली जमाई और चूत भींचते हुए कहा- आपकी चूत मारी जाएगी.

मामी- हंस दीं और बोलीं- एकदम चूतिया हो क्या … चूत तो चोदी जाती है. मारने का काम तो कहीं और से होता है.
मैंने कहा- हां, गांड मारी जाती है और चूत चोदी जाती है. आज मैं आपके दोनों छेदों का काम उठा दूँगा.

वो मेरे होंठों से होंठ लगा कर मुझे चूमने लगीं और लंड पकड़ कर मरोड़ने लगीं.
गहरा चुम्बन लेकर बोलीं- चल अब कम उठा दे.

मैंने कहा- ओके मैडम … पहले मुँह में लंड लेकर प्यार करो ना!
वो कुनमुनाने लगीं- उन्ह … मुँह में नहीं.

मैंने कहा- बिना मुँह में दिए तो मैं चूत में पेलता ही नहीं हूँ … ये मेरा उसूल है.
मामी बोलीं- बड़े हरामी हो बेटा … पहली बार में ही सब करवा के मानोगे.

इन्हीं सब बातों के बीच हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े हटाने शुरू कर दिए थे.

जल्द ही मामी ने मेरे लंड को मुँह में भर लिया और मेरे आंड सहलाती हुई वो लंड का मजा लेने लगीं.
उनके लंड चूसने की अदा से मेरी तो हालत खराब होने लगी थी.

मामी भी लंड चूसती हुई बोल रही थीं- यार कितना बड़ा लौड़ा है आज तो मेरी फट ही जाएगी.

मैंने कहा- चूत तो आज तक किसी की नहीं फटी … हां थोड़ा बहुत खूना-खच्ची जरूर हो जाती है.
मामी हंसने लगीं.

मैंने कहा- मामी बहुत हुआ … अब आप अपनी चूत तो दिखाओ.
मामी बोलीं- तुम खुद ही देख लो.

मैंने फटाफट उनके जिस्म पर बाकी बची पैंटी को उतारा और उनको पूरी नंगी कर दिया.
मामी की चूत बहुत ज्यादा हॉट लग रही थी.

मैंने मामी से कहा- मामी जी, आपकी चूत बता रही है कि मामू ने ज्यादा इस्तेमाल नहीं की है.
मामी एकदम से बोलीं- हां ज्यादा क्या … वो मुझे बिल्कुल भी नहीं करते हैं. अब तुम ही मुझे शांत कर दो.

मैंने मामी से पूछा- मामा ने आपको आज तक कितने तरीके से चोदा है?
मामी बोलीं- अरे उनका काहे का तरीका … बस चढ़े और उतरे को कोई तरीका कहा भी जा सकता है क्या?

मैंने कहा- तो चलो आज हम दोनों थोड़ा अलग करते हैं.
मैंने मामी को 69 में लिटा दिया और उनके मुँह में लंड दे दिया. मैंने खुद उनकी चूत पर मुँह लगा दिया.

मैंने अभी मामी की चूत में जीभ घुसाई ही थी कि मामी ने अपनी चूत से लावा छोड़ दिया.
मैंने चूत का रस चाटते हुए कहा- क्या हुआ मामी जी, आप तो बड़ी जल्दी खौल गईं?

वो निढाल स्वर में कांपती हुई आवाज में बोलीं- आह … मैं बहुत प्यासी हूँ इसलिए आज पहले बार ऐसा हो गया … मेरी चूत को आज तक किसी ने ऐसे चाटा ही नहीं था.
मैंने मजाक करते हुए कहा- अच्छा आज तक ऐसे नहीं चाटा था … तो कैसे चाटा था?

मामी हंस कर बोलीं- अब मजाक मत करो … मेरे साथ अब तक ऐसा नहीं हुआ था.
मैंने सीधे होकर उन्हें चूमा और उनके मुँह में लगे मेरे लंड के प्रीकम के स्वाद को चाटा और उन्हें उनकी चूत के रस को चटाया.

सेक्सी मामी कुछ ही देर में फिर से एकदम गर्म हो गईं.
मैंने अपना मूसल मामी की चूत में पेला, तो मामी की चीखें निकलना शुरू हो गईं.

धकापेल मस्त चुदाई हुई.
मामी मेरे लंड से पूरी तरह से तृप्त हो गई थीं.

उस रात मैंने मामी को सोने नहीं दिया और सर्दी की उस रात में मैंने मामी को सारी रात नंगी रखकर कई बार पेला.

सुबह मामी की चाल बदल गई थी और वो मेरे लंड की महबूबा बन गई 

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